देश में इस समय औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने रविवार को कहा कि क्या औरंगजेब भारत के लोगों के लिए आइकॉन हो सकता है। देश का आइकॉन कोई बाहरी होगा या फिर कोई और। इस पर चिंतन की जरूरत है।
बेंगलुरु में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिन की बैठक का रविवार को आखिरी दिन था। इसके बाद होसबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवाद को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमलावर सोच देश के लिए खतरा है।
वहीं, होसबाले ने कर्नाटक में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में 4% मुस्लिम आरक्षण पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा- डॉ. भीमराव अंबेडकर के लिखित संविधान में धर्म आधारित आरक्षण स्वीकार नहीं किया गया है। कर्नाटक सरकार ने हाल ही में आरक्षण को लेकर बिल पास किया है।
कर्नाटक में भाजपा शासन के दौरान सरकार पर संघ का दबाव था। क्या मंत्रियों के निजी सहायक के रूप में संघ के पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए दबाव बनाया जाता था। इस पर होसबाले ने कहा- नियुक्ति के लिए कभी दबाव नहीं डाला गया।
RSS के शताब्दी समारोह को लेकर होसबाले ने कहा- RSS का शताब्दी वर्ष कोई उत्सव नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण, स्वीकृति और समाज को संगठित करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का अवसर है। उन्होंने 2025-2026 के लिए संघ के कार्यक्रमों की भी घोषणा की।

होसबाले बोले-महाराणा प्रताप स्वतंत्रता सेनानी
महाराणा प्रताप का संघर्ष भी स्वतंत्रता संग्राम था। अगर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम मानी जाती है, तो उससे पहले के आक्रमणकारियों के खिलाफ संघर्ष भी स्वतंत्रता संग्राम था। यह धर्म का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह तय करने की बात है कि भारत की परंपराओं और मूल्यों के अनुरूप कौन है।
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर प्रतिक्रिया देते हुए होसबाले ने कहा कि सरकार ने वक्फ मामलों की जांच के लिए एक आयोग बनाया है। उन्होंने कहा- अब तक जो हुआ, वह सही दिशा में हुआ है। आगे जो होगा, उसे देखना होगा।
औरंगजेब विवादः 17 मार्च को VHP के प्रदर्शन के बाद हिंसा हुई थी
नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान गोबर के कंडों से भरा एक हरे रंग का कपड़ा जलाया गया। VHP के मुताबिक, ये औरंगजेब की प्रतीकात्मक कब्र थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद शाम 7:30 बजे नागपुर के महल इलाके में हिंसा भड़क गई। पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई।
उपद्रवियों ने घरों पर पथराव किया और सड़क पर खड़े दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़-आगजनी की। पुलिस पर भी हमला किया गया। तीन डिप्टी कमिश्नर रैंक के अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। DCP निकेतन कदम पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। रात 10.30 बजे से 11.30 बजे के बीच ओल्ड भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में एक और झड़प हुई।